Friday, 4 July 2014

आईसआईएस से रिहाई के बाद आज घर पहुंचेंगी सभी 46 नर्सें

आईसआईएस से रिहाई के बाद आज घर पहुंचेंगी सभी 46 नर्सें


इराक के तिकरित में बंधक बनाई गईं 46 भारतीय नर्सों को आईएसआईएस के जिहादी गुरुवार शाम से शुक्रवार सुबह तक चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद छोड़ने को तैयार हो गए। नर्सों के साथ इराक से करीब 70 अन्य भारतीयों को एयर इंडिया के स्पेशल प्लेन से भारत लाया जा रहा है। यह प्लेन आज सुबह किसी भी वक्त भारत पहुंच सकता है। अब केंद्र सरकार ने मोसुल में बंधक बनाए गए 39 भारतीयों को भी जल्द छुड़ा लेने का भरोसा जताया है।

इन नर्सों को सुन्नी जिहादी गुरुवार दोपहर बाद अज्ञात जगह ले गए थे। इसके बाद इनकी रिहाई को लेकर सभी लोग नाउम्मीद हो चुके थे। लेकिन अचानक भारतीय कोशिश रंग लाई और जिहादी नर्सों को कुर्द इलाके के बॉर्डर पर छोड़ने को तैयार हो गए। यहां से नर्सों को शुक्रवार को एरबिल लाया गया। एरबिल कुर्द लोगों का स्वायत्त इलाका कुर्दिस्तान की राजधानी है, यहां लड़ाई नहीं चल रही है। शाम को एयर इंडिया का विशेष विमान उन्हें लेकर भारत के लिए रवाना हो गया। विमान शनिवार सुबह कोच्चि में उतरेगा क्योंकि सभी नर्सें केरल की रहने वाली हैं। उनके साथ विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव एस.के. सिन्हा और केरल की एक आईएएस अधिकारी भी आ रहे हैं।

इन नर्सों को एक पखवाड़े से बंधक बनाकर रखा गया था। पहले तो इन्होंने वहां से निकलने से इनकार कर दिया था लेकिन तिकरित में जब हालात खराब होने लगे तो उन्होंने मदद की गुहार लगाई। लेकिन तब तक तिकरित से निकलने के सभी रास्तों पर सुन्नी विद्रोहियों का कब्जा हो चुका था। भारतीय नर्सों को तिकरित से निकालकर जिहादियों ने मोसुल की एक पुरानी इमारत में रखा था। यहीं से कुछ नर्सों ने अपने परिजनों को फोन कर जरूरी जानकारी दी थी। नर्सों को रिहाई किन शर्तों पर हुई, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह खुलासा करने से इनकार कर दिया। सभी उपायों का सहारा लिया गया।
नर्सों की रिहाई में सरकार के डिप्लोमैटिक लेवल पर किए गए प्रयासों से भी मदद मिली। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि हमने हर दरवाजा खटखटाया था। उसी में से एक जगह बात बन गई। यह सब कैसे हुआ, फिर कभी बताएंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इराक में करीब दस हजार भारतीय हैं। इनमें से ज्यादातर ऐसे इलाकों में हैं, जहां लड़ाई नहीं चल रही। इनमें से दो हजार लोगों ने स्वदेश लौटने की इच्छा जताई है, जिसका इंतजाम किया जा रहा है।
इराक और सीरिया के अपने कब्जे वाले इलाकों को इस्लामिक स्टेट घोषित कर चुके सुन्नी विद्रोहियों ने शुक्रवार को पूर्वी सीरिया के अल तनाक ऑयल फील्ड पर कब्जा कर लिया। सीरिया के सभी प्रमुख ऑयल और गैस फील्ड्स पर जिहादियों का कब्जा है।

सुन्नी विद्रोहियों को इराकी सेना कड़ी टक्कर दे रही है। गुरुवार देर रात आर्मी ने सद्दाम हुसैन के पुश्तैनी गांव आवजा को विद्रोहियों के शिकंजे से छुड़ा लिया। पीएम के सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि करीब एक घंटे तक चली लड़ाई में 30 आतंकवादी मारे गए।

Wednesday, 5 March 2014

Trial of Al Jazeera staff adjourned in Egypt

Network continues to call for release of journalists accused of spreading false news and belonging to "terrorist group".

The trial of three Al Jazeera English journalists in Egypt has been adjourned until March 24 and the defendants remain in jail on charges of spreading false news and belonging to a "terrorist group".
Peter Greste, Mohamed Fahmy, and Baher Mohamed, who have been held for more than two months, appeared in court for the second time on Wednesday when witnesses for the prosecution were heard.
Al Jazeera rejects the charges against its staff and continues to call for their release.
"Mohamed, Peter, and Baher are world-class journalists, and were simply doing the job – of journalism – covering and challenging all sides of the story in Egypt," Al Anstey, managing director of Al Jazeera English, said.
"To continue to keep them behind bars after such a long time in detention is simply outrageous, so we continue to call for their immediate release."
Correspondent Greste, an award-winning journalist, Egypt bureau chief Fahmy and producer Mohamed have been detained since they were taken from their hotel in Cairo on December 29.
Abdullah al-Shami, from Al Jazeera's Arabic channel, has been detained for more than six months without charge and has been on a hunger strike since January 23.
The network is currently not allowed to report from Egypt.
A producer from the broadcaster CNN was inside the makeshift courtroom in Torah prison where the trial is taking place and said the three defendants had appeared in the dock, initially wearing handcuffs, but were uncuffed after Fahmy, who is suffering from a shoulder injury, requested it.
Fahmy told the court his right shoulder "has been broken for 10 weeks and I sleep on the floor" in a cell.
"I ask you to free me on the guarantee from the Canadian embassy that I will not leave the country," he said, according to an AFP report from the trial.
Journalists at 40 locations across the globe staged vigils in solidarity with the jailed Al Jazeera staff on February 27 in a global day of action, highlighting the need for press freedom.
All Al Jazeera staff gathered in the newsroom of its Doha headquarters for a silent protest, and Greste was elected chairman of the Foreign Correspondents Association of East Africa in absentia.
Institutions including the White House, the European Union and the United Nations have called for the release of the journalists, and for press freedoms to be upheld.
Freedom of speech in Egypt has been the focus of mounting global concern since the government adopted a hardline approach towards journalists. The country has been ranked the third deadliest destination for journalists in 2013 by the Committee to Protect Journalists.

Monday, 3 March 2014

चीनी से चार्ज होगी स्मार्ट फोन बैटरी!

                   चीनी से चार्ज होगी स्मार्ट फोन बैटरी!

क्या ऐसी बैटरी के बारे में सुना है जो चीनी की खपत कर आपके स्मार्ट फोन को 10 दिनों तक ऊर्जा देती रहे? इस तरह की बायो-बैटरी शीघ्र ही वास्तविकता बनने वाली है।
वर्जीनिया टेक के नाम से मशहूर वर्जीनिया पॉलिटेक्निक एवं स्टेट यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने एक नई बायो बैटरी की अभिकल्पना तैयार की है जो भार के अनुपात में ज्यादा सक्षम है। इसकी क्षमता अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले लीथियम आयन बैटरी के मुकाबले कहीं ज्यादा है। एक बायो बैटरी चीनी को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर सकती है। यह ठीक हमारे चयापचय की तरह काम करती है और इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करते हुए चीनी को कार्बन डाईऑक्साइड एवं पानी में विघटित कर देती है। वर्जीनिया टेक में अनुसंधान करने वाले झिगुआंग झू ने कहा कि लीथियम आयन बैटरी आपके फोन में केवल एक दिन काम कर सकता है। भविष्य में इसमें चीनी का प्रयोग ईंधन के रूप में होगा। उसके बाद फोन 10 दिनों तक काम करेगा। नई बायो बैटरी चीनी को पूरी तरह ऊर्जा में परिवर्तित करेगी, जिसका मतलब है कि इसमें पूर्व की बायो बैटरी के मुकाबले कहीं ज्यादा शक्ति होगी और यह आम लीथियम आयन बैटरियों के मुकाबले अधिक चार्ज हो सकेगी।

Friday, 13 September 2013

केले के लाभ////Banana

                               केले के लाभ



वैसे तो केला बारह ही महीने बाजार में उपलब्ध रहता है। लेकिन बरसात के सीजन में ये शरीर के लिए विशेष लाभदायक होता है। कच्चा केला मीठा, ठण्डी तासीर का, भारी, स्निग्ध, कफकारक, पित्त, रक्त विकार, जलन, घाव व वायु को नष्ट करता है। पका हुआ केला स्वादिष्ट, शीतल, मधुर, वीर्यवर्ध्दक, पौष्टिक, मांस की वृध्दि करने वाला, रुचिकारक तथा भूख, प्यास, नेत्ररोग और प्रमेह का नाश करने वाला होता है।
- यदि महिलाओं को रक्त प्रवाह अधिक होता है तो पके केले को दूध में मसल कर कुछ दिनों तक खाने से लाभ होता है।
* बार-बार पेशाब आने की समस्या हो तो चार तोला केले के रस में दो तोला घी मिलाकर पीने से फायदा होता है।
* यदि शरीर का कोई हिस्सा जल जाए तो केले के गूदे को मसल कर जले हुए स्थान पर बांधे। इससे जलन दूर होकर आराम पहुंचता है।
* पेचिश रोग में थोड़े से दही में केला मिलाकर सेवन करने से फायदा होता है।
* संग्रहणी रोग होने पर पके केले के साथ इमली तथा नमक मिलाकर सेवन करें।
* दाद होने पर केले के गूदे को नींबू के रस में पीसकर पेस्ट बनाकर लगाएं।
* पेट में जलन होने पर दही में चीनी और पका केला मिलाकर खाएं। इससे पेट संबंधी अन्य रोग भी दूर होते हैं।
* अल्सर के रोगियों के लिये कच्चे केले का सेवन रामबाण औषधि है।
* केला खून में वृध्दि करके शरीर की ताकत को बढ़ाने में सहायक है। यदि प्रतिदिन केला खाकर दूध पिया जाए तो कुछ ही दिनों में व्यक्ति तंदुरुस्त हो जाता है।
* यदि चोट लग जाने पर खून का बहना न रुके तो उस जगह पर केले के डंठल का रस लगाने से लाभ होता है।
* केला छोटे बच्चों के लिये उत्तम व पौष्टिक आहार है। इसे मसल कर या दूध में फेंटकर खिलाने से लाभ मिलता है।
* केले और दूध की खीर खाने या प्रातः सायं दो केले घी के साथ खाने या दो केले भोजन के साथ घंटे बाद खाकर ऊपर से एक कप दूध में दो चम्मच शहद धोलकर लगातार कुछ दिन पीने से प्रदर रोग ठीक हो जाता है।
* केले का शर्बत बनाकर पीने से सूखी खांसी, पुरानी खांसी और दमे के कारण चलने वाली खांसी में 2-2 चम्मच सुबह-शाम सेवन करने से लाभ होता है।
* एक पका केला एक चम्मच घी के साथ 4-5 बूंद शहद मिलाकर सुबह-शाम आठ दिन तक रोजाना खाने से प्रदर और धातु रोग में लाभ होता है।
* पके केले को घी के साथ खाने से पित्त रोग शीघ्र शान्त होता है।
* मुंह में छाले हो जाने पर गाय के दूध के दही के साथ केला खाने से लाभ होता है।
* एक पका केला मीठे दूध के साथ आठ दिन तक तक लगातार खाने से नकसीर में लाभ होता है।
* दो केले एक तोला शहद में मिलाकर खाने से सीने के दर्द में लाभ होता है।
* दो पके केले खाकर, एक पाव गर्म दूध एक माह तक सेवन करने से दुबलापन दूर होकर शरीर स्वस्थ बनता है।
* प्रतिदिन भोजन के बाद एक केला खाने से मांसपेशियां मजबूत बनती है व ताकत देता है।
* प्रातः तीन केले खाकर, दूध में शक्कर व इलायची मिलाकर नित्य पीते रहने से रक्त की कमी दूर होती है।
* यदि बाल गिरते हों तो केले के गूदे में नींबू का रस मिलाकर सिर में लगाने से बाल झड़ना रूक जाता है।
* जलने या चोट लगने पर केले का छिलका लगाने से लाभ होता है।
* पके हुए केले को आंवले रस तथा शक्कर मिलाकर खाने बार-बार पेशाब आने की शिकायत होती है।
* बच्चे को दस्त लग जाने पर पके केले को कटोरी में रख कर चम्मच से घोट कर मक्खन जैसा बना लें और जरा सी मिश्री पीस कर मिला कर बच्चे को दिन में दो तीन बार खिलाएं। लाभ होगा, कमजोरी नहीं आएगी और बच्चे के शरीर में पानी की कमी नहीं हो पाएगी। ध्यान रहे कि केला जितनी बार खिलाना हो, उसे उसी समय बनाएं। ढक कर रखा गया या काट कर रखा केला न खिलाएं। वह हानिकारक हो सकता है। मिट्टी खाने के आदी बच्चों को इसका गूदा खूब फेंट कर जरा सा शहद मिला कर आधा आधा चम्मच खिलाना उपयोगी है। पर ध्यान रहे की शाम के बाद केला ना दे ।
* कोई भी चीज मात्रा से अधिक खाना पीना हानिकारक है। इसी तरह केला भी ज्यादा खाने से पेट पर भारी पड़ेगा, शरीर शिथिल होगा, आलस्य आएगा। कभी ज्यादा खा लिया जाए तो एक छोटी इलायची चबाना लाभकारी है।
* कफ प्रकृति वालों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। हमेशा पका केला ही खाएं।
* केले में मैग्नीशियम की काफी मात्रा होती है जिससे शरीर की धमनियों में खून पतला रहने के कारण खून का बहाव सही रहता है। इसके अलावा पूर्ण मात्रा में मैग्नीशियम लेने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है।
* कच्चे केले को दूध में मिलाकर लगाने से त्वचा निखर जाती है और चेहरे पर भी चमक आ जाती है।
* रोज सुबह एक केला और एक गिलास दूध पीने से वजन कंट्रोल में रहता है और बार- बार भूख भी नहीं लगती।
* गर्भावस्था में महिलाओं के लिए केला बहुत अच्छा होता है क्योंकि यह विटामिन से भरपूर होता है।
* गले की सुजन में लाभकारी है।
* जी-मिचलाने पर तो पका केला कटोरी में फेंट कर एक चम्मच मिश्री या चीनी और एक छोटी इलायची पीस कर मिला कर खाने से राहत मिलेगी।
* केले के तने के सफेद भाग के रस का नियमित सेवन डायबिटीज की बीमारी को धीरे-धीरे खत्म कर देता है।
* खाना खाने के बाद केला खाने से भोजन आसानी से पच जाता है।


पपीता - / Papaya

पपीता :_


इस पौष्टिक और रसीले फल से कई विटामिन मिलते हैं, नियमित रूप से खाने से शरीर में कभी विटामिन्स की कमी नहीं होती। बीमार व्यक्ति को दिए जाने वाले फलों में पपीता भी शामिल होता है, क्योंकि इसके एक नहीं, अनेक फायदे हैं। आसानी से अवशोषित होने से यह शरीर को काफी जल्दी फायदा पहुंचाता है। पपीता एक ऐसा फल है, जो कच्चा और पका हुआ दोनों ही रूप में खाया जाता है। कच्चा फल हरे रंग का दिखाई देता है, अधिकतर इसकी सब्जी बनाई जाती है। फल के रूप में ज्यादातर पका हुआ पपीता ही खाया जाता है। क्या-क्या मिलता है? प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, बी और सी के साथ ही कुछ मात्रा में विटामिन-डी भी मिलता है। पपीता पेप्सिन नामक पाचक तत्व का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत है। इसमें कैल्शियम और कैरोटीन भी अच्छी मात्रा में मिलता है। इसके अलावा फॉस्फोरस, पोटेशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन भी होता है। पपीता सालभर बाजार में उपलब्ध होता है। पपीता के गुण पपीता पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र ठीक रहता है और पेट के रोग भी दूर होते हैं। पपीता पेट के तीन प्रमुख रोग आम, वात और पित्त तीनों में ही राहत पहुंचाता है। यह आंतों के लिए उत्तम होता है। पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन-ए होता है। इसलिए यह आंखों और त्वचा के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। इससे आंखों की रोशनी तो अच्छी होती ही है, त्वचा भी स्वस्थ, स्वच्छ और चमकदार रहती है। पपीते में कैल्शियम भी खूब मिलता है। इसलिए यह हड्डियां मजबूत बनाता है। यह प्रोटीन को पचाने में सहायक होता है। पपीता फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, कैंसर रोधी और हीलिंग प्रॉपर्टीज भी होती है। जिन लोगों को बार-बार सर्दी-खांसी होती रहती है, उनके लिए पपीते का नियमित सेवन काफी लाभकारी होता है। इससे इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है। इसमें बढ़ते बच्चों के बेहतर विकास के लिए ज़रूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। शरीर को पोषण देने के साथ ही रोगों को दूर भी भगाता है।

आलू / Potato

आलू के औषधीय प्रयोग ---------------
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1.बेरी-बेरी:-बेरी- बेरी का सरलतम् सीधा-सादा अर्थ है-”चल नहीं सकता” इस रोग से जंघागत नाड़ियों में कमजोरी का लक्षण विशेष रूप से होता है। आलू पीसकर या दबाकर रस निकालें, एक चम्मच की मात्रा के हिसाब से प्रतिदिन चार बार पिलाएं। कच्चे आलू को चबाकर रस निगलने से भी यह लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

2.रक्तपित्त :-यह रोग विटामिन “सी” की कमी से होता है। इस रोग की प्रारिम्भक अवस्था में शरीर ए
वं मन की शक्ति कमजोर हो जाती है अर्थात् रोगी का शरीर निर्बल, असमर्थ, मन्द तथा पीला-सा दिखाई देता है। थोड़े-से परिश्रम से ही सांस फूल जाती है। मनुष्य में सक्रियता के स्थान पर निष्क्रियता आ जाती है। रोग के कुछ प्रकट रूप में होने पर टांगों की त्वचा पर रोमकूपों के आसपास आवरण के नीचे से रक्तस्राव होने (खून बहने) लगता है। बालों के चारों ओर त्वचा के नीचे छोटे-छोटे लाल चकत्ते निकलते हैं फिर धड़ की त्वचा पर भी रोमकूपों के आस-पास ऐसे बड़े-बड़े चकत्ते निकलते हैं। त्वचा देखने में खुश्क, खुरदुरी तथा शुष्क लगती है। दूसरे शब्दों में-अति किरेटिनता (हाइपर केराटोसिस) हो जाता है। मसूढ़े पहले ही सूजे हुए होते हैं और इनसे खून निकलने लगता है बाद में रोग बढ़ने पर टांगों की मांसपेशियों विशेषकर प्रसारक पेशियों से रक्तस्राव होने लगता है और तेज दर्द होता है। हृदय मांस से भी स्राव होकर हृदय शूल का रोग हो सकता है। नासिका आदि से खुला रक्तस्राव भी हो सकता है। हडि्डयों की कमजोरी और पूयस्राव भी बहुधा विटामिन “सी” की कमी से प्रतीत होता है। कच्चा आलू रक्तपित्त को दूर करता है।

3.त्वचा की झुर्रियां:-सर्दी से ठंडी सूखी हवाओं से हाथों की त्वचा पर झुर्रियां पड़ने पर कच्चे आलू को पीसकर हाथों पर मलना गुणकारी हैं। नींबू का रस भी इसके लिए समान रूप से उपयोगी है। कच्चे आलू का रस पीने से दाद, फुन्सियां, गैस, स्नायुविक और मांसपेशियों के रोग दूर होते हैं।

4.गौरवर्ण, गोरापन:-आलू को पीसकर त्वचा पर मलने से रंग गोरा हो जाता है।

5.आंखों का जाला एवं फूला:-कच्चा आलू साफ-स्वच्छ पत्थर पर घिसकर सुबह-शाम आंख में काजल की भांति लगाने से पांच से छ: वर्ष पुराना जाला और चार वर्ष तक का फूला तीन महीने में साफ हो जाता है।

6.मोटापा:-आलू मोटापा नहीं बढ़ाता है। आलू को तलकर तीखे मसाले घी आदि लगाकर खाने से जो चिकनाई पेट में जाती है, वह चिकनाई मोटापा बढ़ाती है। आलू को उबालकर या गर्म रेत अथवा गर्म राख में भूनकर खाना लाभकारी है। सूखे आलू में 8.5 प्रतिशत प्रोटीन होता है जबकि सूखे चावलों में 6-7 प्रतिशत प्रोटीन होता है। इस प्रकार आलू में अधिक प्रोटीन पाया जाता है। आलू में मुर्गियों के चूजों जैसी प्रोटीन होती है। बड़ी आयु वालों के लिए प्रोटीन आवश्यक है। आलू की प्रोटीन बूढ़ों के लिए बहुत ही शक्ति देने वाली और वृद्धावस्था की कमजोरी दूर करने वाली होती है।

7.बच्चों का पौष्टिक भोजन:-आलू का रस दूध पीते बच्चों और बड़े बच्चों को पिलाने से वे मोटे-ताजे हो जाते हैं। आलू के रस में मधु मिलाकर भी पिला सकते हैं।

आलू का रस निकालने की विधि :
आलू को ताजे पानी से अच्छी तरह धोकर छिलके सहित कद्दूकस करके इस लुगदी को कपड़े में दबाकर रस निकाल लें। इस रस को 1 घंटे तक ढंककर रख दें। जब सारा कचरा, गूदा नीचे जम जाए तो ऊपर का निथरा रस अलग करके काम में लें।"

8.सूजन:-कच्चे आलू को सब्जी की तरह काट लें। जितना वजन आलू का हो, उसके लगभग 2 गुना पानी में उसे उबालें। जब मात्र एक भाग पानी शेष रह जाए तो उस पानी से चोट से उत्पन्न सूजन वाले अंग को धोकर सेंकने से लाभ होगा।

नोट : गुर्दे या वृक्क (किडनी) के रोगी भोजन में आलू खाएं। आलू में पोटैशियम की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है और सोडियम की मात्रा कम। पोटैशियम की अधिक मात्रा गुर्दों से अधिक नमक की मात्रा निकाल देती है। इससे गुर्दे के रोगी को लाभ होता है। आलू खाने से पेट भर जाता है और भूख में सन्तुष्टि अनुभव होती है। आलू में वसा (चर्बी) यानि चिकनाई नहीं पाई जाती है। यह शक्ति देने वाला है और जल्दी पचता है। इसलिए इसे अनाज के स्थान पर खा सकते हैं।"

9.उच्च रक्तचाप (हाईब्लड प्रेशर):-इस बीमारी के रोगियों को आलू खाने से रक्तचाप को सामान्य बनाने में अधिक लाभ प्राप्त होता है। पानी में नमक डालकर आलू उबालें। (छिलका होने पर आलू में नमक कम पहुंचता है।) और आलू नमकयुक्त भोजन बन जाता है। इस प्रकार यह उच्च रक्तचाप में लाभ करता है क्योंकि आलू में मैग्नीशियम पाया जाता है।

10.अम्लता (एसीडिटी):-आलू की प्रकृति क्षारीय है जो अम्लता को कम करती है। जिन रोगियों के पाचन अंगों में अम्लता की अधिकता है, खट्टी डकारें आती है और वायु (गैस) अधिक बनती है, उनके लिए गरम-गरम राख या रेत में भुना हुआ आलू बहुत ही लाभदायक है। भुना हुआ आलू गेहूं की रोटी से आधे समय में पच जाता है। यह पुरानी कब्ज और अन्तड़ियों की दुंर्गध को दूर करता है.


शरीफा

शरीफा : सिर्फ फल नहीं, औषधि भी



शरीफा : सिर्फ फल नहीं, औषधि भी शरीफा (सीताफल) एक मीठा फल है. इसमें काफी मात्र में कैलोरी होती है. यह आसानी से हजम होनेवाला और अल्सर व अम्ल पित्त के रोग में ज्यादा लाभकारी होता है. इसमें आयरन और विटामिन-सी का एक अच्छा स्रोत है.
कई रोगों में रामबाण
फोड़ा: शरीफा के पत्तों को पीस कर फोड़ों पर लगाने से फोड़े ठीक हो जाते हैं.
शरीर की जलन : शरीफा सेवन करने या इसके गूदे से बने शरबत शरीर की जलन को ठीक करता है.
बालों के रोग : शरीफा के बीजों को बकरी के दूध के साथ पीस कर बालों में लगाने से सिर के उड़े हुए बाल फिर से उग आते हैं.
जूओं का पड़ना : शरीफा के बीजों को बारीक पीस कर रात को सिर में लगा लें और किसी मोटे कपड़े से सिर को अच्छी तरह बांध कर सो जाएं. इससे जुएं मर जाती हैं. इस बात का ध्यान रखें कि यह आंखों तक न पहुंचे, क्योंकि इससे आंखों में जलन व अन्य नुकसान हो सकता है.शरीफा के पत्तों का रस बालों की जड़ो में अच्छी तरह मालिश करने से जुएं मर जाती हैं.
अतिसार: सीताफल का कच्चा फल खाना अतिसार और पेचिश में उपयोगी है. श्रेष्ठ फल ही नहीं, औषधि भी शरीर की दुर्बलता, थकान, मांस-पेशियां क्षीण होने की दशा में सीताफल का सेवन करने से मांसवृद्धि होती है. यह शरीर के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फल है. घबराहट, हृदय की क्रिया को स्वाभाविक बना देता है. इसकी एक बड़ी किस्म और होती है, जिसे रामफल कहते हैं. व्रत के दिनों में फलाहार के रूप में इसे खाते
हैं. पूरक आहार के रूप में इसका सेवन किया जाता है.